23.5.11

शान-ए-हिन्दोस्तान (''जयदेव विद्रोही'') एक विद्रोही प्यारा सा 20 (स्वतंत्र लेखक,पत्रकार) रिपोर्ट"दीपकशर्मा कुल्लुवी"जर्नलिस्ट (जर्नलिस्ट टुडे नैटवर्क)



शान-ए-हिन्दोस्तान
(''जयदेव विद्रोही'')
एक विद्रोही प्यारा सा 20
(स्वतंत्र लेखक,पत्रकार)

रिपोर्ट"दीपकशर्मा कुल्लुवी"जर्नलिस्ट
(जर्नलिस्ट टुडे नैटवर्क)

'विद्रोही' जी बेशक कांग्रेसी हैं फिर भी उनके मित्र हर पार्टी के हैं I और सबको यथायोग्य सम्मान देते हैं उनसे मिलते जुलते हैं, सुख दुःख में आते जाते हैं और यही होना भी चाहिए I हमें राजनीति से ऊपर उठकर ही सोचना चाहिये I पार्टीबाजी बाद में है संबंध मित्रता पहले जबकि हर व्यक्ति ऐसा नहीं सोचता I

नामुमकिन

होश में रहकर मुमकिन नहीं था भुलाना
कहाँ भूलता है वो गुज़ारा ज़माना
दिल में दर्द ही सही वोह भी तेरा तो है
सकूँ दिल को देता तेरा याद आना
हम मुहब्बत की रस्में निभाते रहे
नगमें अपनीं वफ़ा के ही गाते रहे
तुम समझते रहे हमको नादाँ ए-दोस्त
याद आता हमें बस तेरा मुस्कुराना

इस कड़ी का समापन मैं माता हडिम्बा के पौत्र,घटोत्कच पुत्र 'बर्बरीक' जिन्हें श्री कृष्ण जी नें अपना श्याम नाम दिया उन्हीं की लिखी अपनीं श्री श्याम स्तुति से करना चाहूँगा I

श्री श्याम स्तुति ('दीपक शर्मा कुल्लुवी')
  1. हारों का सहारा खाटू श्याम है प्यारा
  2. तू उसका ही हो गया बाबा जिसनें तुझको पुकारा
  3. जय श्री श्याम खाटू श्याम बोलो श्याम प्यारे श्याम -2
  4. तुझसा दानी तुझसा ज्ञानी कोई हुआ न होगा
  5. लाचारों पर होने वाले हर वार को तूनें रोका
  6. जय श्री श्याम खाटू श्याम बोलो श्याम प्यारे श्याम -2
  7. श्याम कुण्ड का अमृत जल जो छू ले वह तर जाए
  8. ख़ाली खजानें भक्तों के पल भर में भर जाए
  9. जय श्री श्याम खाटू श्याम बोलो श्याम प्यारे श्याम -2
  10. फूलों का श्रृंगार तिहारा फूल 'कुमुद' तोहे भाए
  11. फूलों की खुशबू से सबका मन पुलकित हो जाए
  12. जय श्री श्याम खाटू श्याम बोलो श्याम प्यारे श्याम -2
  13. शीश का दान दिया श्याम को श्याम नाम तूनें पाया
  14. अवतरित हुए खाटू में खाटू धाम बसाया
  15. जय श्री श्याम खाटू श्याम बोलो श्याम प्यारे श्याम -2
  16. तेरी मोर छड़ी से बाबा भूत प्रेत सब भागें
  17. बला उतारे भक्तों की बाबा भाग सभी के जागें
  18. जय श्री श्याम खाटू श्याम बोलो श्याम प्यारे श्याम -2
  19. पांडव नंदन बरवरीक तोहे बारम्बार प्रणाम
  20. भटक न जाएं दुनियां में हम देना हमको ज्ञान
  21. जय श्री श्याम खाटू श्याम बोलो श्याम प्यारे श्याम -2
  22. साथ कभी न छूटे तोहरा प्यार तिहारा पाएं
  23. श्रद्धा प्यार के फूल उठाकर द्वार तिहारे आएँ
  24. जय श्री श्याम खाटू श्याम बोलो श्याम प्यारे श्याम -2
  25. भक्ति देना शक्ति देना सत्य की राह दिखाना
  26. क्षमा करना हर भूल हमारी हर पाप से हमको बचाना
  27. जय श्री श्याम खाटू श्याम बोलो श्याम प्यारे श्याम -2
  28. 'दीपक कुल्लुवी' भक्त तिहारा गुण तेरे गाए
  29. तेरे भजनों की लड़ी पिरोकर तेरे चरणों में चढ़ाए
  30. जय श्री श्याम खाटू श्याम बोलो श्याम प्यारे श्याम -2

शेष अगले अंक-21 में

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