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नागरिकता संशोधन कानून

विरोधी दलों द्वारा CAA का विरोध व देश को बांटने के जो प्रयास हो रहे है वे केवल अपने अस्तित्व को बचाने के झूठे हथकंडे साबित होंगे।CAA केवल उन अल्पसंख्यक लोगों को न्याय देने का प्रयास है जो पाकिस्तान, बांग्लादेश व अफगानिस्तान में प्रताड़ित किये जा रहे है जिनकी बहु बेटियों को बहशी दरिंदे अपनी हवस का शिकार बनाते है जिनके पास केवल एक रास्ता बचा या तो कोई देश उनको नागरिकता दे नहीं तो धर्म परिवर्तन या मौत को गले लगा ले।ऐसे में हिंदुओं सिखों जैनियों बौद्धों को भारत के अलावा कौन शरण देगा और नागरिकता प्रदान करेगा।कोई मुस्लिम क्यों अपना देश छोडेगा ।तीन देशो के मुस्लिम भी यदि सही तरह आवेदन करे तो वे भी नागरिकता ले सकते है,केवल घुसपैठ न करे।कोई भी लोगों को ग़ुमराह करके नफरत फैलाने का काम न करे।केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना का उद्देश्य निम्न आय वर्ग के योग्य विद्यार्थियों को लगभग निशुल्क उच्चस्तर की शिक्षा प्रदान करके उन्हें उच्च स्तर पर ले जाना था,इस उद्देश्य को प्राप्त कर लिया गया था आज भी योग्य प्रतिभाएं निकल रही है।पर जिस तरह से इन योग्य लोगों को देश विरोध करने के लिऐ उकसाया जा रहा है बेहद निंदनीय है देश विरोधी नारे लगाये जाते है और हमारे नेता इनको संरक्षण प्रदान करते है।ये बेशर्म नेता ये भूल जाते है कि विश्व का कोई भी देश अपने विरुद्ध बोलनेवालों को केवल मृत्यु दंड देता है।हम जानते है कि सब विद्यार्थी इसमें शामिल नहीं पर जो शामिल है उनका साथ क्यों।मेरा यहाँ लिखने का उद्देश्य है कि आज के दिन में पिछले साल मैने निम्न पोस्ट लिखी थी जिसको में शेयर करना चाहता हूँ।नफरत फैलाने वालों को कृतज्ञ राष्ट्र कभी माफ नहीं करेगा।देश ऐसे देश विरोधी विचारों को नकार रहा है।हिन्दू मुस्लिम जो सौहार्द का वातावरण बन रहा है उसको ज़बरदस्ती बिगाड़ा जा रहा है,मोदी जी ने कभी मुस्लिमों के विरुद्ध एक भी शब्द अपमान का नहीं बोला व देश वासियों को स्वाभिमान से जीना सीखाया।मोदी जी ने अपने चुनावी घोषणापत्र को जनता के पास रखा व जनमत प्राप्त किया अब उसकी लागू किया जा रहा है तो इस में गलत क्या है।विपक्ष भी ऐसा राष्ट्रवादी नेता तैयार करे ताकि जनता उसका अनुसरण करें।देश के मुस्लिमों के लिये अच्छी शिक्षा का प्रबंध हो तभी वे अच्छे स्थान पर जाएंगे गुमराह नहीं होंगे।उन्हे गरीब रख कर केवल वोटबैंक के लिए प्रयोग न किया जाये जो तुष्टीकरण की राजनीति है जो आज़ादी के बाद चल रही है, देश तभी महान बन सकता जब सभी मिलजुल कर देश के विकास में सहभागी बने,ये तथाकथित छद्म धर्म निरपेक्षता की आड़ में देश को बर्बाद करने का काम कर रहे है जो सर्वथा अनुचित और निंदनीय है।

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