शिक्षा, विधि एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने की वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग -- डा. मामराज पुंडीर , ( विशेष कार्य अधिकारी शिक्षा मंत्री , हिमाचल सरकार)

शिक्षा, विधि एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने आज यहां वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शिमला शहर के लगभग 100 बुद्धिजीवियों के साथ हिमाचल प्रदेश में आर्थिकी तथा लाॅकडाउन के बाद की स्थिति के लिए सुझाव आमंत्रित किए एवं प्राप्त सुझावों पर विचार-विमर्श किया।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि विश्व के विकसित तथा शक्तिशाली राष्ट्र के मुकाबले भारत देश एवं प्रदेश ने कोरोना वायरस से डटकर मुकाबला किया है। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के चलते प्रदेश में स्वास्थ्य के क्षेत्र में आधारभूत संरचना को सुदृढ़ किया गया है ताकि इस महामारी को परास्त किया जा सके।
उन्होंने बताया कि लाॅकडाउन के दौरान स्कूल के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई है लेकिन प्रदेश सरकार द्वारा डिजिटल एजुकेशन के माध्यम से बच्चों को शिक्षा प्रदान करने का निर्णय लिया गया, जिसके माध्यम से प्रदेश के बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार के दिशा-निर्देशानुसार अनलाॅक-1 के तहत शिक्षण संस्थानों को खोलने का प्रावधान है।
इस अवसर पर वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शिक्षा मंत्री ने उपस्थित लोगों से सुझाव आमंत्रित किए जिसमें एडवोकेट जनरल अशोक शर्मा ने बताया कि अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार आगे के कदम उठाए ताकि आर्थिकी को सुदृढ़ किया जाए एवं पर्यटन के क्षेत्र में हुए नुकसान को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिए जाए ताकि क्षेत्र को आगे बढ़ाया जा सके। 
आईजीएमसी के एम.एस. जनक राज ने अपने सुझाव में बताया कि प्राईमरी स्तर के बच्चों को घर पर ही शिक्षा देने का प्रयास करने की आवश्यकता है ताकि छोटे बच्चे इस वायरस से प्रभावित न हो। उन्होंने बताया कि 1 जून से बसें और टैक्सियां शुरू हो जाएगी, जिससे हम सबको सामाजिक दूरी, साफ-सफाई, बार-बार हाथ धोना, सैनेटाइजर का इस्तेमाल करने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि स्कूलों में सामाजिक दूरी को बनाएं रखने के लिए कक्षाओं में विभिन्न सेक्शन बनाने की आवश्यकता है।
हिमाचल प्रदेश उच्च शिक्षा के अध्यक्ष सुनिल गुप्ता ने बताया कि शिक्षण संस्थानों को सबसे अंत में शुरू किया जाना चाहिए ताकि बच्चों में संक्रमण न फैले। उन्होंने बताया कि आॅनलाइन और डिजिटल एजुकेशन के माध्यम पर ज्यादा से ज्यादा ध्यान देने की आवश्यकता है।
वीर सिंह जांगड़ा हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय भौतिकी विभाग ने अपने सुझाव में कहा की प्रदेश में सभी काम ठप पड़े हुए हैं लेकिन अब इसे धीरे-धीरे खोलने की जरूरत है लेकिन प्रदेश तथा केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। उन्होंने बताया कि शिक्षण संस्थानों को भी धीरे धीरे खोलने की आवश्यकता है। 
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद प्रदेश पूर्व अध्यक्ष एवं प्रोफेसर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय डाॅ. नितिन व्यास ने अपने सुझाव में बताया कि पर्यटन के क्षेत्र को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है और हिमाचल प्रदेश पर्यटन क्षेत्र के लिए जाना जाता है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हिमाचल प्रदेश में क्वाॅरेंटाइन टूरिज्म को बढ़ावा देने की आवश्यकता है ताकि यहां के स्वच्छ वातावरण व खाने-पीने से उनका इम्यूनिटी सिस्टम को बढ़ाया जा सके।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला लक्कड़ बाजार के प्रधानाचार्य भूपेंद्र सिंह ने अपने सुझाव में बताया कि दूर-दराज क्षेत्रों के स्कूलों को खोला जाना चाहिए ताकि वहां के बच्चों की शिक्षा प्रभावित न हो। उन्होंने बताया कि दूर-दराज क्षेत्रों में अभी संक्रमण फैलने का खतरा नहीं है। 
आईजीएमसी से डाॅ. बृज शर्मा ने अपने सुझाव में बताया कि प्रदेश एवं केंद्र सरकार द्वारा जारी की गए निर्देशों का हम सबको पालन करने की आवश्यकता है ताकि हम इस कोरोना महामारी से जंग जीत सकें।
महाविद्यालय के प्रोफेसर डाॅ. जेपी कपूर ने बताया कि स्कूल तथा काॅलेजों में परीक्षाओं को कैसे आयोजित किया जाए, इसके लिए प्रदेश सरकार दिशा-निर्देश जारी करें ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। उन्होंने बताया कि आर्थिकी को मजबूत करने तथा रोजगार को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय प्रोडक्ट्स के लिए प्रोत्साहन देने की आवश्यकता है।
यू.एस.ए. से स्काॅलर सुरभी सूद ने बताया कि आॅनलाइन मैप माॅड्यूल के माध्यम से आॅब्जेक्टिव टाइप प्रश्न पर ज्यादा ध्यान देने की आवश्यकता है क्योंकि आॅनलाइन माध्यम से एमसीक्यू को आसानी से किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि कम्युनिटी सेंटर के माध्यम से हम शिक्षा को प्रदान कर सकते हैं।
महाविद्यालय प्रोफेसर आर.के. ठाकुर ने बताया कि परीक्षाओं को 3 घंटे के बजाय 2 घंटे किया जाना चाहिए तथा कक्षाओं का सेक्शन भी अलग-अलग सेक्शन में किया जाना चाहिए ताकि सामाजिक दूरी बनी रहे।
डाॅ. प्रमोद चैहान होटलयर ने अपने सुझाव में बताया कि शिक्षा के क्षेत्र को रिइमेजिंग और रीडिफाइन करने की आवश्यकता है इसके साथ-साथ डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने तथा कम्युनिटी रेडियो स्टेशन को बढ़ावा देने की आवश्यकता है ताकि एक कम्युनिटी में हर प्रकार की जानकारी एक रेडियो माध्यम से उपलब्ध करवाई जा सके।
क्लस्टर विश्वविद्यालय कुलपति डाॅ. सी.एल. चंदन ने अपने सुझाव में बताया कि हिमाचल प्रदेश में एडवेंचर टूरिज्म की बहुत बड़ी संभावना है, जिसे प्रोत्साहन देने की आवश्यकता है। इसके साथ-साथ रिलिजियस टूरिज्म को भी बढ़ावा देने की आवश्यकता है। 
किस्मत कुमार प्रांत कार्यवाहक आर.एस.एस. ने अपने सुझाव में बताया कि स्कूलों को शुरू करने से सभी प्रकार के एहतियात बरतने की आवश्यकता है। परीक्षाओं के दौर में कैसे बच्चों को सुरक्षित रखा जाए यह एक सोचने का विषय है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार एवं प्रशासन बधाई के पात्र हैं जो वायरस को रोकने में कामयाब रहा है।
होटलयर महेंद्र ने अपने सुझाव में बताया कि होटलों को खोलने में प्रदेश सरकार को जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए ताकि प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण न फैले। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस के दौर में टूरिस्ट डेस्टिनेशन का विकास करने की आवश्यकता है। 
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से डाॅ. सुरेंद्र शर्मा ने अपने सुझाव में बताया कि बच्चों की मेंटल हेल्थ को ध्यान में रखने की आवश्यकता है। 
शिक्षा मंत्री ने बताया कि कोरोना वायरस से सारी दुनिया के विकसित राष्ट्रों को भी धराशाई कर दिया है तथा भारत जैसे राष्ट्र ने इस महामारी का डटकर मुकाबला किया है और आज के समय में स्वास्थ्य के क्षेत्र में अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर दिया है।
उन्होंने बताया कि इस कोरोना महामारी के दौर में एक लाख से अधिक व्यक्ति हिमाचल प्रदेश में वापस लौटे हैं तथा प्रदेश सरकार द्वारा टैलेंट मैपिंग की जाएगी, जिसके लिए सभी बुद्धिजीवियों से सुझाव आमंत्रित किए। उन्होंने बताया कि विभिन्न क्षेत्रों में सभी चीजों पर हम सबके विचार करने से हमें अवश्य सफलता हासिल होगी। उन्होंने बताया कि आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिए धीरे-धीरे सभी चीजों को शुरू करने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि सभी लोग लिखित रूप से सरकार को सुझाव भेजें ताकि आने वाले समय में उन सुझाव को ध्यान में रखते हुए सरकार निर्णय ले सके।
इस बैठक में डाॅक्टर्स, कुलपति, प्रोफेसर, वकील, काॅलेज के प्रधानाचार्य, प्राध्यापक, स्कूल के प्रधानाचार्य, शोधार्थी सहित शहर के जाने-माने व्यक्तित्व ने भाग लिया।
.0.

विजय दशमी की हार्दिक शुभकामनायें


आपकी हर मनोकामना पूरी हो शत्रुओं का नाश हो अच्‍छे लोगों का विकास हो 

Amrit & Family
kingal - Kumarsain- Shimla HP

ब्लागर दंपति कृष्ण कुमार यादव व आकांक्षा नेपाल में अंतर्राष्ट्रीय ब्लागर सम्मेलन में सम्मानित


इंटरनेट पर हिंदी के व्यापक प्रचार-प्रसार और ब्लागिंग के माध्यम से देश-विदेश में अपनी रचनाधर्मिता को विस्तृत आयाम देने वाले ब्लागर दम्पति कृष्ण कुमार यादव और  आकांक्षा  यादव को काठमांडू, नेपाल में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय ब्लागर सम्मेलन में क्रमशः ''परिकल्पना साहित्य सम्मान'' एवं ''परिकल्पना ब्लाग विभूषण'' से नवाजा गया। नेपाल की विषम राजनीतिक परिस्थितियों के चलते मुख्य अतिथि नेपाल के राष्ट्रपति डा0 राम बरन यादव की अनुपस्थिति में यह सम्मान नेपाल सरकार के पूर्व शिक्षा व स्वास्थ्य मंत्री तथा संविधान सभा के अध्यक्ष अर्जुन नरसिंह केसी ने दिया। इस सम्मेलन में एकमात्र बाल ब्लागर के रूप में गल्र्स हाई स्कूल, इलाहाबाद की कक्षा 1 की छात्रा अक्षिता ने भी भाग लिया। 

इस अवसर पर यादव दम्पति सहित देश-विदेश के हिंदी, नेपाली, भोजपुरी, अवधी, छत्तीसगढ़ी, मैथिली आदि भाषाओं के ब्लागर्स को भी सम्मानित किया गया। परिकल्पना समूह द्वारा आयोजित यह समारोह 13-15 सितम्बर के मध्य काठमांडू के लेखनाथ साहित्य सदन, सोरहखुटे सभागार में हुआ।

इस अवसर पर ’’न्यू मीडिया के सामाजिक सरोकार’’ सत्र में वक्ता के रूप में कृष्ण कुमार यादव ने बदलते दौर में न्यू मीडिया व ब्लागिंग व इसके सामाजिक प्रभावों पर विस्तृत चर्चा की, वहीं ’’साहित्य में ब्लागिंग की भूमिका’’ पर हुयी चर्चा को सारांशक रूप में आकांक्षा यादव ने मूर्त रूप दिया।

गौरतलब है कि इलाहाबाद परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएं पद पर पदस्थ कृष्ण कुमार यादव एवं उनकी पत्नी आकांक्षा यादव एक लंबे समय से ब्लाग और न्यू मीडिया के माध्यम से हिंदी साहित्य एवं विविध विधाओं में अपनी रचनाधर्मिता को प्रस्फुटित करते हुये अपनी व्यापक पहचान बना चुके हैं।

लोक गायिका गंभरी देवी को टैगोर सम्मान

प्रख्यात लोक गायिका गंभरी देवी को राष्ट्रीय संगीत नाटक अकादमी की ओर से वर्ष 2011-12 के लिए टैगोर सम्मान प्रदान किया गया।खाणा-पीणा नंद लेणी ओ गंभरीए’ गीत की धुनों पर नृत्य व गायकी से दर्शकों को झुमाने वाली हिमाचल की प्रख्यात लोक गायिका गंभरी देवी को राष्ट्रीय अकादमी द्वारा वर्ष 2011-12 का टैगोर सम्मान प्रदान किया गया है। उन्हें यह सम्मान हिमाचल के लोक संगीत में दिए गए अतुल्य योगदान के लिए दिया गया है। राष्ट्रीय संगीत नाटक अकादमी की ओर से रवींद्रनाथ ठाकुर की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय स्तर पर 50 टैगोर सम्मान घोषित किए गए । इनके लिए विभिन्न प्रदेशों से ऐसे कलाकारों के नाम कृतित्व विवरण सहित मंगवाए गए थेजिनकी आयु 75 वर्ष से अधिक हो। 50 टैगोर सम्मानों में से लोक संगीत की विद्या में देश के 13 कलाकारों को यह पुरस्कार दिया गया है,  जिनमें हिमाचल की कोकिला गंभरी देवी भी शामिल है। इस सम्मान में उन्हें एक लाख रुपएताम्रपत्र व अंग वस्त्र दिया गया है। लोक गायिका गंभरी देवी के गीत आज भी हिमाचलवासियों की जुबान पर गूंजते हैं। प्रदेश का हर संगीत प्रेमी उनकी मखमली आवाज का कायल है। 91 वर्षीय हिमाचली लोक गायिका का खुद ही गीत रचती है। खुद ही उसकी धुन बनाती हैं और उस पर नृत्य करती हैं। उनकी इस प्रतिभा को देखते हुए उन्हें इस सम्मान से नवाजा गया है। हिमाचल कला संस्कृति भाषा अकादमी के सचिव डा. तुलसी रमण ने कहा कि लोक गायिका गंभरी को यह पुरस्कार मिलना हिमाचल प्रदेश के लिए गौरव की बात है। टैगोर सम्मान पिछले दिनों कोलकाता तथा चेन्नई में आयोजित समारोह में दिए गए हैंलेकिन किन्ही कारणों से गम्भरी देवी वहां नहीं पहुंच सकी थीं। इसी कारण संगीत नाटक अकादमी की ओर से जारी पत्र सहित यह पुरस्कार हिमाचल कला संस्कृति भाषा अकादमी के पास दस्ती भेजा गया हैजो पुरस्कार जल्द ही लोक गायिका गम्भरी देवी को प्रदान किया जाएगा।  हिमाचल कला संस्कृति भाषा अकादमी की ओर से भी उन्हें लोक संगीत के लिए वर्ष 2001 का हिमाचल अकादमी कला सम्मान’ प्रदान किया गया था।

लायड इंसुलेशन इण्डिया लिमिटेड का वार्षिकोत्सव



रिपोर्ट : दीपक शर्मा 'कुल्लुवी'


देहली के ऐन0 सी0 यू0 आई० आडोटोरियम में लायड इंसुलेशन इण्डिया लिमिटेड का वार्षिकोत्सव गीत संगीत के रंगारंग कार्यक्रम में संपन्न हुआ जिसमें कंपनी के कलाकारों के अतिरिक्त फिल्म और टेलीविजन जगत मुंबई आसाम देहली के कलाकारों ने भी शिरकत की I दीपाली शर्मा नें क्लासिकल व् हिंदी रिमिक्स गीतों पर शानदार नृत्य किया दीपक कुल्लुवी और कुमुद शर्मा ने मिलकर अपना लिखा भजन कान्हा न सता आ जा मिलने बहारों में प्रस्तुत किया अम्बुज नें खाई के पान बनारस वाला गीत गाकर सबको झूमने पर मजबूर कर दिया दिव्य शर्मा प्रियंका शर्मा,आस्था शर्मा मिस मल्होत्रा,मिस गाँधी सबने बेहद शानदार नृत्य प्रस्तुत किये I
श्री मोहित खन्ना जी,श्रीमति ऐन0 पी0 पुँज ने सभी कलाकारों को पुरुस्कार वांटे I

सुबह दस बजे नास्ते के बाद पूजा के साथ प्रारम्भ हुए प्रोग्राम में सांस्कृतिक कार्यक्रम और इनाम बाँटनें के बाद लगभग 2 बजे दुपहर स्वादिष्ट लँच के साथ समाप्त हुआ I इस सफल आयोजन में श्री ऐन0 के0 मल्लिक,आर0 डी0 एस0 छतवाल.श्री के0 के0 मित्रा, नीलिमा शर्मा,सुनील छिब्बर,सतेन्द्र शर्मा,श्याम लाल जी का योगदान सराहनीय था I






























मण्डी शहरी सहकारी बैंक के पुनरुद्धार का आश्वासन


शिमला। मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने सहकारी सभाओं की नियमित लेखा परीक्षा एवं निरीक्षण पर बल दिया है ताकि उनकी सुचारू कार्यप्रणाली सुनिश्चित बनाई जा सके और राज्य में लोग इनसे लाभान्वित हो सके। मुख्यमंत्री मंगलवार को यहां सहकारिता विभाग की कार्यप्रणाली की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मण्डी शहरी सहकारी बैंक के पुनरुद्धार के प्रयास किए जाएंगे और इस मामले को भारतीय रिजर्व बैंक से उठाया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मण्डी शहरी सहकारी बैंक को आठ वर्ष पूर्व कुप्रबन्धन के कारण बंद करना पड़ा था और इस कारण जमाकर्ताओं की काफी धनराशि इसमें फंस गई थी। वर्तमान राज्य सरकार ने सत्ता में आने के तुरंत बाद इस मामले को केन्द्रीय वित्त मंत्रालय एवं भारतीय रिजर्व बैंक के साथ उठाया ताकि बैंक का पुनरुद्धार किया जा सके। इससे बैंक की विभिन्न योजनाओं में जमाकर्ताओं द्वारा लगाई गई राशि भी सुरक्षित रह सकेगी। जमाकर्ताओं के हित राज्य सरकार के लिए सर्वोपरि है और इनकी सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। प्रदेश में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार हो रहा है और ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक शाखाएं खोली जा रही हैं। राष्ट्रीयकृत बैंकों द्वारा प्रदान की जा रही सेवाओं के साथ-साथ स्थानीय बैंक भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, क्योंकि यह बैंक अपने-अपने क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बल प्रदान कर रहे हैं।
प्रो. धूमल ने कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं को सहकारी समितियों में 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने का निर्णय लिया है ताकि सहकारी आन्दोलन में उनकी भूमिका को बढ़ाया जा सके। पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने वाला हिमाचल प्रदेश देश का अग्रणी राज्य है और सहकारी सभाओं में उन्हें 33 प्रतिशत आरक्षण मिलने से राज्य में महिला सशक्तिकरण को और गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हमीरपुर, बिलासपुर और सिरमौर जिलों में एकीकृत सहकारी विकास परियोजना फ्लैगशिप कार्यक्रम कार्यान्वित कर रही है ताकि सहकारी क्षेत्र को आवश्यकता आधारित सहायता प्रदान कर गोदाम, दुकानें निर्मित की जा सकें और आवश्यक जमा पूंजी जुटाई जा सके। कांगड़ा, शिमला और कुल्लू जिलों के लिए तीन और परियोजनाएं प्रस्तावित हैं, जिनकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को इस वर्ष जुलाई तक अंतिम रूप दे दिया जाएगा। इसके बाद इन परियोजनाओं को भी आरम्भ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हथकरघा क्षेत्र के पुनरुद्धार, सुधार और पुनर्सरंचना के लिए पैकेज का मामला भारत सरकार के विचाराधीन है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रेम कुमार ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया औरपंजीयक सहकारी समिति आरडी नजीम ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया।
मुख्य सचिव एस रॉय, प्रधान सचिव वित्त डा. श्रीकांत बाल्दी, प्रधान सचिव उद्योग भारती सिहाग, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबन्ध निदेशक बीएम नैंटा, अतिरिक्त पंजीयक सहकारी समिति एचएस ठाकर और पंकज ललित सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक में भाग लिया।

अल्पसंख्यक विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति योजना

शिमला। हिमाचल प्रदेश में विभाग द्वारा अल्पसंख्यक समुदाय से सम्बन्धित छात्रों के लिए मैरिट-कम-मीन्ज छात्रवृत्ति तथा मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना कार्यान्वित की जा रही है। इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए पात्र विद्यार्थियों के लिए ऑन लाईन आवेदन करना अनिवार्य है। 
शिक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि मैरिट-कम-मीन्ज छात्रवृत्ति योजना के अन्तर्गत मुस्लिम, सिख, ईसाई और बौद्ध अल्पसंख्यक समुदाय से सम्बन्धित वे विद्यार्थी छात्रवृत्ति के हकदार होंगे, जिनके माता-पिता की वार्षिक आय 2.50 लाख रुपये से अधिक न हो और जिन्होंने पिछली उत्र्तीण की गई परीक्षा में 50 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हों। इस योजना के तहत विद्यार्थी अपना नवीन आवेदन आगामी 30 सितम्बर तक ऑन लाईन भेज सकते हैं। पंजीकरण की प्रति संस्था में जमा करवानी होगी। पहले से पंजीकृत विद्यार्थियों को अपना नवीनीकरण आवेदन पत्र 31 दिसम्बर तक ऑन लाईन जमा करवाना होगा। इसकी एक प्रति संस्था में जमा करवानी अनिवार्य है। मान्यता प्राप्त संस्थानों से तकनीकी तथा व्यावसायिक पाठ्यक्रम कर रहे छात्रों को यह छात्रवृत्ति शिक्षा विभाग के माध्यम से प्रदान की जायेगी।
उन्होंने कहा कि मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना के अन्तर्गत मुस्लिम, सिख, ईसाई और बौद्ध अल्पसंख्यक समुदाय से सम्बन्धित वे विद्यार्थी छात्रवृत्ति के हकदार होंगे, जिनके माता-पिता की वार्षिक आय दो लाख रुपये से अधिक न हो और जिन्होंने पिछली उत्र्तीण की गई परीक्षा में 50 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हों। इस योजना के तहत विद्यार्थी अपना नवीन आवेदन 15 अगस्त तक ऑन लाईन भेज सकते हैं। पंजीकरण की प्रति संस्था में जमा करवानी होगी। सरकारी व गैर सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं के विद्यार्थियों को अपना आवेदन 15 जुलाई तक विद्यालय के प्रधानाचार्य के पास जमा करवाना होगा।
उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग द्वारा अल्पसंख्यक वर्ग से सम्बन्धित छात्राओं के लिए मौलाना आजाद राष्ट्रीय छात्रवृत्ति योजना कार्यान्वित की जा रही है। इस योजना का लाभ राज्य में किसी सरकारी व गैर सरकारी अनुदान अथवा सम्बद्ध संस्थानों में पढ़ रहे वे अल्पसंख्यक छात्राएं उठा सकती हैं, जो हिमाचल प्रदेश की स्थायी निवासी हैं। जमा एक की वे छात्राएं योजना के तहत पात्र हंै, जिसके माता-पिता की वार्षिक आय एक लाख रुपये से कम हो और जिसने पिछली उत्तीर्ण की गई परीक्षा में 55 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हो। पात्र छात्राओं को अपना आवेदन 15 जुलाई तक विद्यालय के प्रधानाचार्य को प्रेषित करना होगा।

बीरबल के छायाचित्रों ने किया दर्शकों को भावविभोर


शिमला। गेयटी थियेटर शिमला में विख्यात छायाकार एवं पत्रकार बीरबल शर्मा के छायाचित्रों की प्रदर्शनी ‘वाह हिमाचल’ ने दर्शकों को एक ही छत्त के नीचे पूरे हिमाचल के दर्शन करा दिए। गत 13 से 17 मई तक के लिए लगाई गई इस प्रदर्शनी को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। शाम के समय तो प्रदर्शनी स्थल में तिल धरने तक के लिए भी जगह नहीं बचती थी। दर्शकों के इस उत्साह को देखते हुए आयोजकों ने प्रदर्शनी को एक दिन आगे 18 मई बढ़ा दिया।ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन में इस प्रदर्शनी का आयोजन इसलिए भी सार्थक हो गया, क्योंकि पर्यटक इसके माध्यम से पूरे प्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति, अनूठे सौंदर्य और देव परंपराओं के भी दर्शन कर पाए। अनेक पर्यटकों ने टिप्पणी दर्ज की कि वे तो शिमला घूमने आए थे, लेकिन छायाचित्रों को देखने के बाद उन्हें लग रहा है जैसे उन्होंने पूरे हिमाचल को बहुत नजदीक से देख लिया है। प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश दीपक गुप्ता और ग्रामीण विकास व पंचायती राज मंत्री जयराम ठाकुर सहित अनेक गणमान्य लोग भी प्रदर्शनी देखने पहुंचे।
प्रदर्शनी में प्रदेश की कुदरती झीलें, पारंपरिक वेशभूषा में सजी युवतियां, गहनों से लदी महिलाएं, कठिन जीवन में भी खुशहाल लोग, अनूठी लोक परंपराएं व त्यौहार दर्शकों के कदम रोक रहे थे। लोग एक-एक चित्र के आगे कई-कई मिनट खड़े रह कर उनकी गहराई मापते रहे। सबसे अधिक पसंद किए जाने वाले चित्रों में पट्टी उठाए चौहार की लड़की, लकड़ी का बोझा उठाए नन्हीं कुरमी, भुंडा में पकती धाम, तारा देवी में पेड़ों से बंधी आस्थाएं, झील में तैरते नोट, किन्नर कैलाश, श्रीखंड, बड़भाग सिंह में तालों में बंद किस्मत, तत्तापानी का तुलादान आदि रहे।
इस चित्रकला प्रदर्शनी की सफलता का एक कारण यह भी रहा कि आयोजकं समय-समय पर चित्रों को बदल कर उनके स्थान पर नए चित्र लगाते रहे ताकि प्रदर्शनी में दोबारा आने वाले दर्शकों को कुछ नया देखने के मिल सके। प्रदर्शनी के अंतिम दिन बीरबल शर्मा का कहना था, ”मुझे खुशी है कि दर्शकों ने मेरे छायाचित्रों को बहुत सराहा। मेरा जो प्रयास था कि पर्यटन सीजन में शिमला आने वाले सैलानियों को एक ही छत्त के नीचे पूरे हिमाचल प्रदेश के दर्शन हो सकें, उसमें मैं काफी कामयाब रहा। इस सफलता के लिए भाषा एवं संस्कृति विभाग और अन्य सहयोगी संस्थानों एवं मित्रों का भी मैं आभारी हूं।”
फोटोग्राफी और पत्रकारिता के लिए समर्पित प्रकृति प्रेमी बीरबल शर्मा ने मंडी-कुल्लू मार्ग पर बिंदरावणी में विशाल ‘हिमाचल दर्शन फोटो गैलरी’ स्थापित कर रखी है, जिसमें दुर्लभ छायाचित्र ही नहीं बल्कि प्रदेश की संस्कृति को दर्शातीं प्राचीन वस्तुओं का विशाल संग्रह भी है

सिरमौर में लहसुन का रिकार्ड उत्पादन

नाहन। सर्दियों में पर्याप्त वर्षा होने के कारण सिरमौर जिले के सैनधार क्षेत्र में इस वर्ष लहसुन की बंपर फसल हुई है। एक अनुमान के अनुसार यहां अब तक के औसत से लगभग दोगुनी पैदावार हुई है। अच्छी फसल होने के कारण किसानों के चेहरे खिले हुए हैं, लेकिन अभी तक उन्हें इसके उचित दाम नहीं मिल पा रहे हैं। बाजार में दाम स्थिर हैं, जिस कारण किसानों को उम्मीद है कि आने वाले समय में इसके दाम बढ़ेंगे।
मंडियों में इस समय लहसुन के दाम 16 से 22 रुपये किलो के बीच टिके हुए हैं, जबकि बीते वर्ष 42 से 50 रुपये के बीच थे। सोलन तथा दिल्ली की मंडियों में ए ग्रेड का लहसुन 20 से 22 रुपये, बी ग्रेड का 16 से 19 तथा सी ग्रेड का लहसुन 13 से 15 रुपये प्रति किलो थोक के भाव मंडियों में बिक रहा है। सैनधार क्षेत्र के पराड़ा व भेनू में लहसुन की बंपर पैदावार दर्ज की गई है। लहसुन उत्पादक विजय कुमार, देवेंद्र, राम दत्त, रणजीत सिंह और राजेंद्र दत्त ने बताया कि इस साल हुई पर्याप्त वर्षा के कारण लहसुन का उत्पादन पिछले वर्ष की तुलना में दोगुना हुआ है। किसानों ने बीज बदलकर असली चाइना का बीज लगाया था। इसका भी उन्हें लाभ हुआ है। बीज बदलने से आकार और उत्पादन दोनों में वृद्धि हुई है। लहसुन की फसल को आढ़तियों के माध्यम से सोलन व दिल्ली भेजा जा रहा है, जहां सिरमौर का लहसुन अपनी धाक जमा रहा है।
सोलन के लहसुन व्यापारी पदम सिंह ने बताया कि अभी यहां एक सप्ताह से ही लहसुन की आवक शुरू हुई है, जोकि पिछले वर्ष की तुलना में दो गुणा से अधिक है। यहां प्रतिदिन 80 से 100 क्विंटल के बीच लहसुन मंडियों में पहुंच रहा है, जिसे यहां से सीधा दिल्ली, तमिलनाडू और कर्नाटक की मंडियों में भेजा जा रहा है। जानकारों के अनुसार अभी तक सिरमौर का लहसुन ही मंडियों में पहुंचा है। अगले सप्ताह तक कुल्लू व अन्य जिलों का लहसुन भी मंडियों में पहुंच जाने की उम्मीद है।

हिमोत्‍कर्ष हिमाचलश्री पुरस्‍कार 2011-12

साहित्‍कार और प्रशासनिक अधिकारी अश्विनी रमेश को हिमोत्‍कर्ष साहित्‍य संस्‍कृति एवं जनकल्‍याण परिषद हिमाचल प्रदेश ने हिमोत्‍कर्ष हिमाचलश्री पुरस्‍कार 2011-12 से सम्‍मानित किया है। रमेश साहित्‍य में विशेष रूचि रखते है। अश्विनी रमेश का एक काव्‍य संग्रह ज़मीन से जुड़े आदमी का दर्द  भी प्रकाशित हो चु का है जिसे साहित्‍य जगत में बेहद सराहा गया है।  अश्विनी रमेश का जन्‍म 25 मई 1961 को जिला शिमला के ठियोग में गांव कुन्‍दली में हुआ। अश्विनी रमेश हिमाचल प्रदेश विश्‍वविद्यालय से संस्‍कृत में एम0 फिल0 और अंग्रेजी में एम0ए0 की उपाधि प्राप्‍त है। अश्विनी रमेश की रचनायें विभिन्‍न पत्रिकाओं में प्रकाशित होने के साथ आकाशवाणी शिमला से प्रसारित भी हो  चुकी है। अश्विनी रमेश हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा के अधिकारी है और ठियोग की साहित्यिक संस्‍था सर्जक से भी जुड़े है। अन्‍तरजाल पर उनके महफिले शायरी  और Poetry--A Blend of Real, Natural and the Mystic   उपलब्‍ध है। अश्विनी रमेश को अनेकानेक बधाई। 


पेयजल योजना


निरमंड तहसील के अंर्तगत ब्रौ में मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने सात पंचायतों को लाभान्वित करने वाली पेयजल  योजना का नींव पत्थर रखा। यह पेयजल योजना सात करोड़ 48 लाख की अनुमानित लागत से निर्मित होगी। इस योजना के बन जाने से रामपुर परियोजना से प्रभावित हुई सात पंचायतें बाड़ी, तुनन, पोशना, बाहवा, खरगा, कुश्वा और गड़ैच के ग्रामीणों के घर में जल धारा बहेगी। सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस पेयजल योजना से इन पंचायतों के लगभग नौ हजार लोग लाभान्वित होंगे। साथ ही इस जल धारा से एक हजार के लगभग छात्रों को भी फायदा पहुंचेगा।  शनिवार को इस योजना का शिलान्यास किया। सुबह करीब 11.30 बजे मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल का काफिला ब्रौ पहुंचा। उनके साथ भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष खीमी राम, आनी के विधायक किशोरी लाल सागर सहित बड़ी संख्या में भाजपा नेता मौजूद रहे। यहां पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया। भाजपा नेताओं ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। यहां पर मुख्यमंत्री ने आम लोगों की समस्याएं भी सुनीं। कतारबद्ध खड़े लोगों के प्रार्थना पत्रों को मुख्यमंत्री ने स्वयं पढ़ा और उन पर जल्द कार्रवाई करने की बात कही। यहां के अधिकतर लोगों द्वारा उठाई गई महत्त्वपूर्ण मांग ब्रौ और जगातखाना को टीसीपी नियम से बाहर करने पर बात को मुख्यमंत्री ने गंभीरता से सुना। उन्होंने उपायुक्त कुल्लू को कहा कि इस संबंध में जल्द कोई सकारात्मक फैसला लें, ताकि यहां के लोगों को राहत मिल सके। यहां पर पोशना व तुनन के प्रधानों व महिला मंडलों के प्रतिनिधिमंडल ने भी टीसीपी के नियम को हटाने की बात कही। पोशना के प्रधान रणबीर राठौर ने कहा कि टीसीपी का नियम लागू होने से यहां के लोगों को खासी दिक्कतें आ रही हैं। कई मकानों में बिजली-पानी की सुविधा नहीं मिल पा रही है।  इस मौके पर उपायुक्त बीएम नांटा, एसडीएम आनी श्रवण मांटा, भाजपा नेत्री सुषमा मखैक, शशि कटोच व विजय गुप्ता सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।

Popular Posts

Followers