युवाओ पीढी के लिए प्रेरणा स्रोत -एक कविता




युवाओ पीढी के लिए प्रेरणा स्रोत -एक कविता
कर उधम, उठा कदम
कर्म में ना, कर शर्म
राह बड़ी कटीली है
विकास की जो सीढी है
उमंग से इसे पकड़
बाँहों में यूँ जकड़
आगे ही उठेंगे पग
विश्वास कर ये अटल
धैर्यच्यूत ना हो अगर
पथ भी हो सुगम
विन्रम हो तू अगर
सोच भी, हो सुलभ
आत्ममंथन जो तू कर
शत्रु का दमन कर
हृदय में प्रेम भर
विश्व का गमन कर
वैर का दमन कर
इच्छाशक्ति कर दृढ
लक्ष्य को प्राप्त कर
कर्मयोगी बन अगर
मर्यादा का ध्यान कर
संघर्ष करे तू अगर
गर्व से उठेगा सर

Phool Singh

जिंदगी में ऐसे लोग भी आये -- फूल सिंह


जिंदगी में ऐसे लोग भी आये

ना हँसे ना मुस्कुराये
चिंता की रेखा मस्तक सजाय
उनके जैसा, कोई ज्ञान ना पाए
जीवन रहते पशु बन जाए
खुशियों में भी ना जो मुस्काए
कोई तो उनको जा समझाए
चिंता से कोई कुछ ना पाए
चिंतन में क्यूँ ना मन लगाये
सच्चे सुख से वंचित ना रह जाये
क्षण भर के इस जीवन को
औरो की ख़ुशी की खातिर
इसे समर्पित हम कर जाए
दुनिया उसको सर झुकाए
जीवन में जो कुछ कर दिखाए
पिता भी अपना मान ना पाए
परवरिश बच्चो की
जो ना कर पाए
समाज में लांछित खुद को पाए
घमंड से जो अपना सर उठाए
धूलि फांकता नजर वो आये
इंसानियत को जो दे भुलाये
जीते जी ही चिता सजाये
चिंता में जो वक़्त गंवाए
मानव कल्याण का मार्ग अपनाये
दुःख में भी जो ख़ुशी दे जाए
सच्चा इन्सान भी वही कहाए



फूल की कहानी -फूल की जबानी --- फूल सिंह


फूल की कहानी -फूल की जबानी
मैं सक्षम, हूँ विलक्षण
निर्मल करता, विचलित मन
पुलकित कर तेरे, तन मन
सुगन्धित करता, वन उपवन
प्रकृति का श्रृंगार कर
महक का प्रसार कर
चिंतन करता हर एक क्षण
खुशियाँ देता मैं पल पल
न्योछावर अपना जीवन कर
कभी मंदिर, कभी जमी में
कभी रेंगता धूलि में
जीवन की प्रवाह ना कर
खुशियाँ बाटता हर एक क्षण
कभी कंठ की शोभा बनता
कभी बढाता शोभा शव
कभी गजरा नारी बनता
कभी में देता सेज सजा
क्षण भर के इस जीवन को
खुश होता तुम्हे अर्पण कर
कली से सुंदर फूल बन
मोहित करता सबका मन
सूझ देता मैं इस जग
आग नहीं फूल तू बन
ना अधीर हो ना हताश
सामना कर जटिल समाज
मन में रख दृढ़ विश्वास
ह्रदय अपने प्रेम भर
मानव का कल्याण कर



वर्ल्ड कप जब इंडिया आया ***(फूल सिंह )***

वर्ल्ड कप

वर्ल्ड कप जब इंडिया आया,
धोनी का सम्मान बढाया
श्री लंका को यों हराया
विश्व में था,नाम कराया
वर्ल्ड कप जब इंडिया आया

भुला के कड़वे रिश्तों को
पाकिस्तान को सेमीफाईनल में हराया
और फाईनल में स्थान बनाया
वर्ल्ड कप जब इंडिया आया

रोमांचक था मैच कराया
इंडियंस का दिल घबराया
अंत समय में फैसला आया
भारत कप, जीत के लाया
वर्ल्ड कप जब इंडिया आया

लंका में था मातम छाया
वर्ल्ड कप जो भारत आया
हर भारतीय ने उत्सव मनाया
देश प्रेम ने उन्हें जगाया
वर्ल्ड कप जब इंडिया आया


फूल सिंह

इस कविता के लेखक 'फूल सिंह' मेरे मित्र हैं और दूसरी बार इनकी रचना हिमधारा में भेज रहा हूँ और आशा करता हूँ सभी इसे पसंद करेंगे I

दीपक शर्मा 'कुल्लुवी '

Photo:-Writer Mr.Phool Singh with Deepak 'Kulluvi'

(अपना पी० सी०) ***(फूल सिंह)***


(अपना पी० सी०)

चिंता की क्या बात
जब पी० सी० तेरे पास
पल भर में तुम दुनिया घूमो
क्यों बैठे हो उदास
जब पी सी तेरे पास
मोजिल्ला या गूगल खोलो
मनचाही तुम साईट खोलो
क्षण भर में हो पास
क्यों बैठे हो उदास
कन्फ्यूज़ जब खुद को पाओ
झट से तुम बटन दबाओ
चिंता से मुक्ति पाओ
बन जाओ तुम खास
क्यों बैठे हो उदास
खेल खेल में ज्ञान बढाओ
विश्व में नाम कराओ
क्षण भर में हो पास
क्यों बैठे हो उदास
जब पी० सी० तेरे पास

फूल सिंह

इस कविता के लेखक 'फूल सिंह' मेरे मित्र हैं और पहली बार इनकी रचना हिमधारा में भेज रहा हूँ I

दीपक 'कुल्लुवी '

Photo:-Writer Mr.Phool Singh with Deepak 'Kulluvi'

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